2 Line Shayari Husan Walo ko Kya Jarurat Hai Sawrne Ki
2 Line Shayari for Romantic
हुस्न वालों को क्या जरूरत है संवरने की,वो तो सादगी में भी क़यामत की अदा रखते हैं|
तूने ही लगा दिया
इलज़ाम-ए-बेवफाई,
मेरे पास तो चश्मदीद गवाह भी तु ही थी|
मेरे पास तो चश्मदीद गवाह भी तु ही थी|
काश तेरा घर मेरे
घर के बराबर होता,
तू न आती तेरी आवाज तो आती रहती|
तू न आती तेरी आवाज तो आती रहती|
कभी जो मुझे हक
मिला अपनी तकदीर लिखने का…..
कसम खुदा की तेरा नाम लिखुंगी और कलम तोड दुंगी…..
कसम खुदा की तेरा नाम लिखुंगी और कलम तोड दुंगी…..
मौजूद थी अभी
उदासी रात की,
बहला ही था दिल ज़रा सा के फ़िर भोर आ गयी|
बहला ही था दिल ज़रा सा के फ़िर भोर आ गयी|
ख्वाहिश-ए-ज़िंदगी
बस इतनी सी है अब मेरी,
कि साथ तेरा हो और ज़िंदगी कभी खत्म न हो।
कि साथ तेरा हो और ज़िंदगी कभी खत्म न हो।
करम ही करना है
तुझको तो ये करम कर दे….
मेरे खुदा तू मेरी ख्वाहिशों को कम कर दे।
मेरे खुदा तू मेरी ख्वाहिशों को कम कर दे।
गरीब का दर्द
सुला दिया माँ ने…ये कहकर..!
परियां आएंगी सपनों में रोटियां लेकर..!!
सुला दिया माँ ने…ये कहकर..!
परियां आएंगी सपनों में रोटियां लेकर..!!
तुम बदले तो
मज़बूरिया थी
हम बदले तो बेवफा हो गए !!
हम बदले तो बेवफा हो गए !!
अजब मुकाम पे ठहरा
हुआ है काफिला जिंदगी का,
सुकून ढूढनें चले थे, नींद ही गवा बैठे”..!!
सुकून ढूढनें चले थे, नींद ही गवा बैठे”..!!
तेरी याद से शुरू
होती है मेरी हर सुबह,
फिर ये कैसे कह दूँ.. कि मेरा दिन खराब है..!!
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फिर ये कैसे कह दूँ.. कि मेरा दिन खराब है..!!
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